जैसा कि हम जानते है कि, आज का युग computer शिक्षा का युग है। भारत आज पूरे दुनिया में सॉफ्टवेयर का हब बनता जा रहा है। वहीं चिंता का विषय यह है कि आज भी भारत का जो एजुकेशन सिस्टम है। उससे निकलने वाले बच्चों को आज भी जॉब नहीं मिलती है। इसी कारण आज 2020 में सरकार को नई शिक्षा नीति (New education policy)2020 लानी पड़ी।
यँहा सरकार का skill india मिशन success होता दिखाई देता है।
1. New Education policy 2020 क्या है?
नई शिक्षा नीति 2020 में शिक्षा को रोजगारपरक बनाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि यदि बच्चा अपनी स्कूल की शिक्षा को पूरी करता है, तो कम से कम वो 1 डिप्लोमा तो साथ मे लेकर ही निकले। यंही से Vocational education का जन्म होता है। (जानने के लिए 2 नम्बर पढ़े)
नई शिक्षा नीति में पहले 10+2 पद्दति को महत्व दिया जाता था। जिससे 10वी से नीचे की एजुकेशन का कोई महत्व ही नहीं रह जाता था।आपने देखा होगा आप जब भर्ती हेतु जाते है, तो सबसे पहले आपसे 10वी की अंकसूची माँगी जाती है। लेकिन अब भारत सरकार ने 5+3+3+4 कर दिया है। जिससे हर स्तर का महत्व बढ़ गया है।
इसमें प्री-प्राइमरी स्तर 5 साल का होगा जिसमें आंगनवाड़ी ओर स्कूल का कॉर्डिनेशन होगा बच्चा नर्सरी से कक्षा 2 तक अपनी मात्र भाषा मे शिक्षा प्राप्त करेगा।
प्राइमरी स्तर 3 साल का होगा जिसमें कक्षा 3-5 तक होगा यँहा मात्र भाषाओं के साथ एक ओर भाषा के बेसिक सिखाएं जाएंगे।
अगले स्तर में वोकेशनल एडुकेशन पढें-
2. Vocational Education क्या है? ओर Vocational education का मतलब क्या है?
व्यावसायिक शिक्षा(Vocational Education ) Skill Development का ही part है। इसको विभिन्न सेक्टर्स में बांटा गया है। इसमे प्रमुख जॉब सेक्टर्स जैसे-IT/ITES, हेल्थकेयर, इलेक्टिकल, टूरिज्म, एग्रीकल्चर,plumber आदि में बांटा गया है। इन सेक्टर्स को भी विभिन्न जॉब रोल में बांटा जाता है। जैसे -IT/ITES में helpdeak attandant, डेटा एंट्री ऑपरेटर , BPO सर्विसेज आदि ।।
अगला स्तर बहूत ही महत्वपूर्ण भूमिका में है ये स्तर कक्षा 6-8 तक का माध्यमिक विद्यालय में लागू होता है। इस सीढ़ी को सरकार ने नई शिक्षा नीति 2020 में महत्वपूर्ण माना है। यहां से बच्चें को वोकेशनल एडुकेशन से अवगत कराया जाएगा। और बच्चे की रुचि अनुसार वह अपने व्यवसाय को चुन सकेगा।
जँहा एक ओर इस स्तर पर skill development का महत्व है। वही दूसरी ओर इसी स्तर पर म्यूजिक(music), डांस(Dance), खेल(स्पोर्ट्स) की भी पहचान कर बच्चे में स्किल डेवलपमेंट होगा।
अगला स्तर कक्षा 9-12 तक का होगा इसमें बच्चा अपने वोकेशनल अगला स्तर कक्षा 9-12 तक का होगा इसमें बच्चा अपने वोकेशनल subject को दोबारा continue कर सकता है। या अपना वोकेशनल विषय बदल सकता है।। इस स्तर पर बच्चा साइंस विषय के साथ आर्ट,कॉमर्स, एग्रीकल्चर आदि के साथ किसी व्यवसाय में पारगंत होकर NSQF से vocational certificate प्राप्त कर सकता है। दोबारा continue कर सकता है। या अपना वोकेशनल विषय बदल सकता है।
3. Importance ऑफ vocational education।
इससे शिक्षा रोजगार गारंटी तो नहीं देता है। लेकिन बच्चें को रोजगार हेतु इंडस्ट्रीज की माँग हेतु तैयार कर देता है। यदि बच्चा चाहे तो खुद का रोजगार स्टार्ट भी कर सकता है।
नई शिक्षा नीति पर उच्च शिक्षा हेतु पढ़े अगला ब्लॉग।।।।।।।
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